लखनऊ
उत्तर प्रदेश विधानसभा में बृहस्पतिवार को कार्यवाही के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब एक मंत्री की जुबान बेकाबू हो गई। हालात को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष को हस्तक्षेप करते हुए सख्त हिदायत देनी पड़ी।
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी से समाजवादी पार्टी के सदस्य डॉ. वीरेंद्र यादव ने प्रदेश में उद्योगों के विकास से जुड़ी योजनाओं को लेकर सवाल किया। जवाब में मंत्री नंदी ने यह कहकर पूरे सदन को चौंका दिया कि कुछ सदस्यों ने सवाल लगाने को “धंधा” बना लिया है और इसके जरिए उद्योगपतियों से वसूली की जाती है।
मंत्री के इस बयान पर सदन में नाराजगी फैल गई। विधानसभा अध्यक्ष ने तुरंत उन्हें टोकते हुए कहा कि ऐसा जवाब देना पूरी तरह अनुचित है। अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सदस्य ने किसी भी उद्योग या उद्योगपति का नाम नहीं लिया है, ऐसे में इस तरह के आरोप लगाना और व्यक्तिगत टिप्पणी करना स्वीकार्य नहीं है।
अध्यक्ष की कड़ी फटकार के बाद मंत्री को अपने शब्दों पर संयम बरतने की हिदायत दी गई, वहीं विपक्ष ने बयान को सदन की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई।






