प्रयागराज
प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह नोटिस समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल द्वारा दाखिल परिवाद पर भेजा गया है। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को निर्धारित की गई है।
पूरा मामला ओमप्रकाश राजभर के उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया था कि समाजवादी पार्टी के कार्यकाल (2012–2017) में UPPSC के माध्यम से चयनित 86 एसडीएम में से 56 यादव जाति के थे। इस बयान को समाजवादी पार्टी ने पूरी तरह गलत, भ्रामक और तथ्यहीन बताया है।
श्याम लाल पाल का आरोप है कि इस बयान से न केवल पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है, बल्कि एक विशेष समुदाय को भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार से जोड़ने की कोशिश की गई है। इसी आधार पर प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि और गलत जानकारी देने का परिवाद दाखिल किया गया।
सपा की ओर से 14 फरवरी को ओमप्रकाश राजभर को लीगल नोटिस भेजकर बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया था। जवाब न मिलने पर अधिवक्ताओं विनीत विक्रम और मनीष खन्ना के माध्यम से कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया, जिस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया है।







