लखनऊ
यूपी विधानमंडल के बजट सत्र का आज आखिरी दिन है। सीएम योगी बजट पर बोल रहे हैं। योगी ने कवि दिनकर की एक कविता सुनाई——–
मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का,
धनुष छोड़ कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का?
पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर,
जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर, क्रूर।
योगी ने कहा, सपा सरकार में हर साल इंसेफेलाइटिस से 1500 से 1700 SC- ST बच्चों की मौतें होती थीं। 2019 के बाद से इंसेफेलाइटिस का उन्मूलन हो चुका है। हमने किसी की जाति नहीं देखी। सपा की 4 बार सरकार बनी, लेकिन आपने विचार तक नहीं किया।
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर तंज कसा। कहा, आप सच्चे समाजवादी हैं। समाजवादी विचारधारा के साथ चले, वो अलग बात है कि आपके साथ शिवपाल जी जैसे लठैत ने भी चलने की कोशिश की। आपने कुछ जनपदों की पहचान ऐसी बना दी थी कि लोग होटल में कमरा नहीं देते थे, लेकिन हम लोगों ने व्यवस्था बदली, परसेप्शन बदल गया। आज लोग कहते हैं, अच्छा आप यूपी से आए हैं।







