चंदौली
दो प्रशासनिक अधिकारियों की निजी जिंदगी अब विवादों के घेरे में आ गई है। करीब छह साल पहले शुरू हुई प्रेम कहानी पहले शादी तक पहुंची। पहले स्थिति आरोप-प्रत्यारोप और अब पुलिस केस में बदल चुकी है।
मामला SDM दिव्या ओझा और अनुपम मिश्रा का है। दोनों के बीच पहले नजदीकियां थीं, लेकिन शादी के कुछ साल बाद रिश्तों में खटास आने लगी। हालात इतने बिगड़ गए कि महज 15 किलोमीटर की दूरी के बावजूद दोनों ने एक-दूसरे से मिलना-जुलना तक बंद कर दिया। प्रशासनिक बैठकों में भी दोनों दूरी बनाकर बैठते थे, जिससे उनके संबंधों में तनाव की झलक साफ दिखाई देती थी।
विवाद की शुरुआत और आरोप
17 मार्च को यह मामला खुलकर सामने आया, जब दिव्या ओझा के पिता निशाकांत ओझा प्रतापगढ़ के थाने पहुंचे। उन्होंने अपने दामाद अनुपम मिश्रा के खिलाफ दहेज मांगने, मारपीट करने और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया।
परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही दिव्या को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जबकि दूसरी ओर अभी तक अनुपम मिश्रा की तरफ से सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दिव्या ओझा का परिवार राजनीतिक रूप से भी प्रभावशाली रहा है। उनके चाचा शिवाकांत ओझा उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री रह चुके हैं। वहीं, अनुपम मिश्रा प्रयागराज के एलडीए कॉलोनी के निवासी बताए जाते हैं। यह मामला केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की छवि पर भी सवाल खड़े करता है। दो जिम्मेदार पदों पर तैनात अधिकारियों के बीच इस तरह का विवाद, कार्यस्थल के माहौल और निर्णय प्रक्रिया पर भी असर डाल सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आने वाले समय में सच्चाई सामने आने के साथ यह स्पष्ट होगा कि यह सिर्फ वैवाहिक विवाद है या इसमें लगाए गए आरोपों में दम है।




