काठमांडू
नेपाल में राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पुलिस ने शनिवार तड़के उनके भक्तपुर स्थित आवास से हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई पिछले साल सितंबर में हुए ‘Gen Z’ विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और कथित लापरवाही से जुड़े मामले में की गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इन प्रदर्शनों के दौरान दो दिनों की अशांति में 76 लोगों की मौत हुई थी और भारी संपत्ति का नुकसान हुआ था। जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि तत्कालीन सरकार हिंसा को रोकने में विफल रही और संभावित हालात की पहले से मिली चेतावनियों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। इसी आधार पर ओली के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई।
नई सरकार के प्रमुख बालेन्द्र शाह, जिन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है, ने कैबिनेट बैठक में इस रिपोर्ट को लागू करने का फैसला लिया। इसके बाद ही गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए और पुलिस ने कार्रवाई की।
पुलिस प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि ओली के साथ-साथ उस समय के गृह मंत्री और अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। राजधानी काठमांडू समेत पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी ने नेपाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में इसके बड़े राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।




