लखनऊ
नदवा कॉलेज के मौलाना इरफान अहमद रिजवी की हत्या के मामले में फिरौती वसूली के आरोप में गिरफ्तार तीन आरोपियों के 24 घंटे के भीतर जमानत पर जेल से बाहर आने का मामला चर्चा में है। जेल से निकलने के बाद आरोपियों का समर्थकों ने फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद वे काफिले के साथ घर पहुंचे। इस दौरान बनाए गए वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस को इसकी जानकारी हुई।
हजरतगंज पुलिस ने 21 अगस्त को मामले का राजफाश करते हुए मोहम्मद फरहान सिद्दीकी, सोहेल अहमद सिद्दीकी और अमन कुरैशी को गिरफ्तार किया था। एडीसीपी जितेंद्र दुबे ने प्रेसवार्ता में कार्रवाई की जानकारी दी थी। तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। हालांकि, इसके अगले ही दिन उन्हें जमानत मिल गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जमानत प्रक्रिया के दौरान केस डायरी या पुलिस की रिपोर्ट तलब किए जाने और पुलिस पक्ष को नोटिस दिए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बेल बॉन्ड के सत्यापन की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों के खिलाफ 24 से अधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। जमानत मिलने के बाद पुलिस अब मामले की जांच के साथ ही जमानत प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और सत्यापन की भी पड़ताल कर रही है।






