लखनऊ
पीएम मोदी की ओर से 10 मई को देशवासियों से एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील किए जाने के बाद राजधानी Lucknow के सर्राफा बाजारों में कारोबार पर बड़ा असर देखने को मिल रहा है। शहर के प्रमुख ज्वेलरी बाजारों में इन दिनों ग्राहकों की आवाजाही बेहद कम हो गई है। कारोबारियों का कहना है कि पहले जहां दुकानों पर सुबह से देर शाम तक भीड़ रहती थी, वहीं अब कई-कई घंटे तक ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं।
कारोबारियों के चेहरे पर चिंता
सर्राफा व्यापारियों के अनुसार प्रधानमंत्री की अपील के बाद लोगों ने सोने की खरीदारी फिलहाल टालनी शुरू कर दी है। इसका सीधा असर बिक्री पर पड़ा है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में अचानक आई सुस्ती से व्यापारिक गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं। कई दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम हो गई है।
व्यापारी नेताओं का कहना है कि सर्राफा कारोबार केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बड़ी संख्या में लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। इनमें कारीगर, डिजाइनर, पॉलिश कर्मचारी, पैकिंग स्टाफ, सेल्समैन, सुरक्षा कर्मी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोग शामिल हैं।
दो लाख लोगों की रोजी-रोटी पर असर
कारोबारियों ने दावा किया कि राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सर्राफा उद्योग से जुड़े करीब दो लाख लोगों की आजीविका इस कारोबार पर निर्भर है। बाजार में लगातार गिरती बिक्री के कारण अब रोजगार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कई छोटे दुकानदारों और कारीगरों ने चिंता जताई है कि यदि यही स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो आर्थिक संकट और गहरा सकता है।
एक व्यापारी ने कहा, “शादी-विवाह का सीजन होने के बावजूद बाजार में ग्राहकों की कमी है। पहले लोग शादी के लिए गहनों की खरीदारी करने आते थे, लेकिन अब अधिकांश लोग इंतजार कर रहे हैं।”
त्योहार और शादी सीजन भी नहीं बढ़ा पाए रौनक
आमतौर पर मई-जून का समय शादी-विवाह और पारिवारिक आयोजनों के चलते सर्राफा कारोबार के लिए बेहतर माना जाता है। लेकिन इस बार बाजार में अपेक्षित रौनक दिखाई नहीं दे रही। व्यापारियों के अनुसार ग्राहकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई लोग केवल कीमतों की जानकारी लेकर लौट जा रहे हैं, जबकि खरीदारी बहुत कम हो रही है।
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
सर्राफा कारोबारियों ने सरकार से मांग की है कि व्यापारियों और इस उद्योग से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए। उनका कहना है कि यदि बाजार में यही स्थिति बनी रही तो छोटे कारोबारियों और कारीगरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ऐसा समाधान निकालेगी जिससे बाजार में फिर से सामान्य स्थिति लौट सके और व्यापार को राहत मिल सके।





