बस्ती
सरकारी अधिकारी बनकर रौब गांठने वाले जालसाज को बस्ती पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित उत्तर प्रदेश शासन का फर्जी लोगो लगाकर खुद को लखनऊ सचिवालय का विशेष कार्याधिकारी (OSD) बताता था। लाल-नीली बत्ती लगी इनोवा कार से घूमकर वह सरकारी कार्यालयों और टोल प्लाजा पर वीआईपी प्रोटोकॉल का लाभ उठाता था। लोगों से सरकारी काम कराने के नाम पर रुपये ऐंठने के भी आरोप हैं।
कोतवाली प्रभारी बृजानंद सिंह और यातायात प्रभारी कुलदीप त्रिपाठी की संयुक्त टीम ने बड़ेबन पुल के नीचे चेकिंग के दौरान संदिग्ध इनोवा को रोका। तलाशी लेने पर कार से लाल-नीली बत्ती, दो वॉकी-टॉकी, पांच फर्जी विजिटिंग कार्ड, एक आइफोन और चार एटीएम कार्ड बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपित ने अपना नाम मोहसिन खान (28) बताया। वह लखनऊ के दारुलशफा, हजरतगंज का निवासी है और मूल रूप से बस्ती के चईयाबारी का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपित लंबे समय से फर्जी पहचान के सहारे खुद को सरकारी अधिकारी बताकर विभिन्न जिलों में वीआईपी सुविधाएं हासिल कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, अपनी गतिविधियों को प्रभावशाली दिखाने के लिए मोहसिन ने लखनऊ निवासी राजेश यादव को 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर चालक के रूप में रखा था। चालक के साथ वह सरकारी अधिकारी होने का प्रभाव जमाता था। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी व्यक्ति के सरकारी अधिकारी होने के दावे पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।






