शाहजहांपुर
खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव स्थित प्राचीन मंदिर में गुरुवार सुबह दो सेवादारों की हत्या से सनसनी फैल गई। वारदात के बाद शवों को जलाने की कोशिश किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है। सुबह मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों सेवादारों के शव देखे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
मृतकों की पहचान मंदिर के वृद्ध सेवादार गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है। दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी। कुछ ही देर में मंदिर परिसर के आसपास ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी सौरभ दीक्षित भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से मामले की जानकारी लेते हुए साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में मंदिर की जमीन को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद की बात सामने आई है। प्रथम दृष्टया आशंका है कि जमीन पर कब्जे की नीयत से दोनों सेवादारों की हत्या की गई हो। मामले में गांव के तीन स्थानीय लोगों पर पुलिस को संदेह है।
हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। हत्या की वजह, शव जलाने की कोशिश और संदिग्धों की भूमिका समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्य और जांच के आधार पर ही घटना की वास्तविक वजह तथा आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।





