लक्ष्मीपुर श्रीनरायन गुप्ता
अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा ग्राम पंचायत एकमा के टोला बटईडीहा शिव मंदिर परिसर में पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के अन्तर्गत श्रीमद पावन प्रज्ञा पुराण कथा एवं युवा जागृति, संस्कार कार्यक्रम के तहत सोमवार को गायत्री परिवार की कथा व भजन टोली ने नारी जागरण व शबरी कथा प्रसंग पर भगवान राम एवं शबरी के प्रेम का उदाहरण देकर भक्त व भक्ति के रस में डूबीं माता शबरी के जुठे बेर को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ग्रहण कर एक नजीर पेश किये।
नौतनवां के पूर्व विधायक कौशल किशोर उर्फ मुन्ना सिंह ने कहा गायत्री परिवार द्वारा आयोजित प्रज्ञा महायज्ञ एक सामूहिक आध्यात्मिक और सामाजिक अनुष्ठान है। जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वैचारिक शुद्धता और समाज में नैतिक मूल्यों का संचार करना है। यह सामान्य यज्ञों से भिन्न होता है, जिसमें कर्मकांड के साथ-साथ ‘प्रज्ञा पुराण’ की कथा और नशामुक्ति जैसे जन-जागरूकता के संदेश शामिल होते हैं। बेटा-बेटी के फर्क को समाज से निकालना होगा तभी देश व समाज का भला होगा। बेटियां किसी से कम नहीं है। बेटिया तीन पुस्तो का तारती है। कथा के प्रसंग पर पूर्व विधायक ने कहा कि माता शबरी ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को प्रेमपूर्वक जूठे बेर खिलाकर भक्ति की मिसाल कायम की। उन्होंने जाति-पाति के बंधन तोड़कर यह साबित किया कि ईश्वर को केवल शुद्ध और निष्काम प्रेम से ही पाया जा सकता है। शबरी की इस अनन्य भक्ति और त्याग का संपूर्ण प्रसंग विशेष महत्व रखता है। नारी जनजागरण आवश्यक है। इस दौरान गायत्री परिवार द्वारा पूर्व विधायक को गायत्री मंत्र पुस्तक, चित्र व अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया। इस दौरान विश्वभर यादव, रामजी विश्वकर्मा, कमलेश यादव, उमेश जायसवाल, गजाधर मिस्त्री, रवि विश्वकर्मा, महेश मद्धेशिया, मुरली मनोहर अग्रहरि, शिवप्रकाश गुप्ता, रविन्द्र उर्फ राजा, अश्वनी शर्मा, सद्दाम, भोला, सूरज अग्रहरि सहित भारी तादाद में महिलाएं व पुरुष शामिल रहे।






