लखनऊ
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर पिछले कुछ समय से समय से पहले चुनाव कराए जाने की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में तेज थीं। हालांकि अब स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि विधानसभा चुनाव वर्ष 2026 में नहीं कराए जाएंगे और चुनाव अपने निर्धारित संवैधानिक समय के अनुसार ही संपन्न होंगे।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल मार्च-मई 2027 तक प्रभावी रहेगा और चुनाव आयोग निर्धारित समयसीमा के भीतर मार्च 2027 के मध्य तक चुनावी प्रक्रिया पूरी कर सकता है। इस प्रकार 2026 में चुनाव कराए जाने की अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। हालांकि इस संबंध में निर्वाचन आयोग की ओर से अभी कोई औपचारिक चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जनगणना के दूसरे चरण का कार्य फरवरी 2027 से पहले पूरा कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि चुनाव और जनगणना जैसी दो बड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाएं एक साथ न चलें और चुनावी कार्यक्रम पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।
राजनीतिक दलों ने भी 2027 के चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन तथा जनसंपर्क अभियानों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। भाजपा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा सहित सभी प्रमुख दल आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम में किसी प्रकार के बदलाव की संभावना नहीं मानी जा रही है और चुनाव निर्धारित समय पर ही कराए जाने की तैयारी जारी है।
ध्यान दें कि “2026 में चुनाव नहीं होंगे” या “जनगणना फरवरी से पहले पूरी करा दी जाएगी” जैसे दावे अभी आधिकारिक निर्वाचन आयोग की घोषणा से पुष्ट नहीं हैं। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार ये प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर चल रही चर्चाओं/संकेतों पर आधारित हैं।






