मेरठ से शार्पदृष्टि की रिपोर्ट
शास्त्रीनगर स्थित 35 साल पुराने सेंट्रल मार्केट पर शनिवार को बुलडोजर चला। आवास विकास परिषद, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई करते हुए कॉम्प्लेक्स की 22 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इसके लिए पोकलेन मशीन का उपयोग किया गया। यह शॉपिंग कॉम्प्लेक्स करीब 150 लोगों के रोजगार का जरिया था। अपने सामने दुकानें टूटती देख कई दुकानदारों की आंखें नम हो गईं।सुप्रीम कोर्ट ने 10 महीने पहले इस अवैध शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को गिराने के आदेश आवास एवं विकास परिषद को दिए थे। आदेश का पालन करते हुए शनिवार सुबह टीमें मौके पर पहुंचीं। इससे पहले पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर बैरिकेडिंग कर दी थी और आम लोगों की एंट्री रोक दी गई थी। आवास विकास परिषद मेरठ के एसई राजीव कुमार ने बताया कि कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत की गई है।अवैध निर्माण को लेकर विवाद 19 सितंबर 1990 से शुरू हुआ, जब आवास एवं विकास परिषद ने कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्माण रोकने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद कॉम्प्लेक्स प्रबंधन की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया। 9 फरवरी 2004 को भूखंड के वाणिज्यिक उपयोग को लेकर फिर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। जवाब न मिलने पर 23 मार्च 2005 को ध्वस्तीकरण के आदेश पारित कर दिए गए।हालांकि आदेश के बावजूद वर्षों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः 17 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने परिषद को तीन महीने के भीतर मार्केट खाली कराने और ध्वस्त करने के आदेश दिए। इसी आदेश के अनुपालन में शनिवार को 35 साल पुराने सेंट्रल मार्केट को ढहा दिया गया।



