लक्ष्मीपुर से श्रीनरायन गुप्ता
17 अक्टूबर को CSC को स्टेशनरी समाग्री के नाम पर 3610 रूपये का भुगतान किया गया है, जिसमें बिल के जगह धुंधला बिल अपलोड किया गया है अपलोड बिल में धनराशि 500 दिख रहा है। और तो और ग्राम सभा का नाम। दुसरा प्रकरण 14 अक्टूबर को 13497 रुपये का डिग्री कालेज के सामने हैंडपंप कार्य के नाम भुगतान सागर टेंडर पर किया गया है, जिसमें बिल हरमंदिर कला ग्राम सभा के सफाई समाग्रियों का अपलोड किया गया है और बिल में धनराशि में काफी अंतर दिख रहा है।
ये सभी भुगतान और इसके भुगतानकर्ता सवालों के घेरे में है। अब देखना होगा की यह मामला जिम्मेदारों के संज्ञान में आने पर कोई कार्रवाई होता है कि इस मामले को भी लिपापोती कर दबा दिया जायेगा। चुकीं कुछ महिनों पूर्व भी ऐसा मामला लोक भारती में प्रकाशित हुआ था लेकिन जिम्मेदारों द्वारा इन मामलों को गम्भीरता से नहीं लिया गया और बस कारवाई के नाम पर कोरम पूरा किया गया।इस सम्बन्ध में बीडीओ मृत्युंजय यादव ने कहा की जांच कर कार्रवाई की जायेगी।






