प्रयागराज
बहुचर्चित राजू पाल हत्याकांड में दोषी आबिद प्रधान और जावेद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद राजू पाल की पत्नी और सपा से निष्कासित पूर्व विधायक पूजा पाल ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर जमानत दिलाई गई है और वह इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी।
पूजा पाल ने आरोप लगाया कि जेल से बाहर आने के बाद आबिद प्रधान ने सोशल मीडिया पर एक धमकी भरा वीडियो साझा किया है। वीडियो में ‘जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं’ गाना लगाया गया है, जिसे उन्होंने शक्ति प्रदर्शन और डराने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि आरोपियों में कानून का भय नहीं है, लेकिन वह और उनका परिवार ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।
पूर्व विधायक ने कहा कि वह दोषियों की जमानत रद्द कराने के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाएंगी। साथ ही उन्होंने अपनी और मामले के गवाहों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए सरकार से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
गौरतलब है कि वर्ष 2005 में बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए आबिद प्रधान को इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 16 दिन पहले सशर्त जमानत दी थी। इस मामले के मुख्य आरोपी अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पहले ही हत्या हो चुकी है।






