गोरखपुर
देवरिया जिले की निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव को गोरखपुर पुलिस ने मंगलवार रात दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। उन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह पिछले करीब चार महीनों से फरार चल रही थीं। उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि एसपी सिटी गोरखपुर निमिष पाटिल ने की है।
शालिनी श्रीवास्तव के खिलाफ 22 फरवरी 2026 को शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। उन पर आरोप है कि उनकी प्रताड़ना से सहायक अध्यापक कृष्ण भगवान सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। शिक्षक मूल रूप से कुशीनगर जिले के हरैया बुजुर्ग गांव के निवासी थे और देवरिया के गौरी बाजार क्षेत्र स्थित एक विद्यालय में तैनात थे। 20 फरवरी 2026 को उन्होंने गोरखपुर के शाहपुर क्षेत्र में फांसी लगाकर जान दे दी थी।
मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट और वीडियो में शालिनी श्रीवास्तव तथा बीएसए कार्यालय के लिपिक संजीव सिंह पर उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद शासन ने शालिनी को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने उनकी और संजीव सिंह की गिरफ्तारी पर पहले 10-10 हजार और बाद में 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस की कई टीमों की लगातार दबिश के बाद शालिनी श्रीवास्तव को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें गोरखपुर लाकर अदालत में पेश किया जाएगा, जबकि सह-आरोपी संजीव सिंह की तलाश जारी है।





