नई दिल्ली
भारत निर्वाचन आयोग जितना जितना आम मतदाता को बताता है और उससे वादा कर रहा है उसमें कुछ न कुछ सवाल उठ रहा है, आयोग देश ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चला रहा है,इतना तेजी क्यों तैयारी कुछ नहीं,इससे तो लगता है आयोग के पास हवा से हवा में मार करने वाली कोई विमान है,कहां जा रहा है कि अभी कुछ जिलों में प्रपत्र पहुंचा ही नहीं तो आयोग पहले यह बताएं कि प्रपत्र किस प्रेस में छापा गया है अभी तक ,अभी तो प्रपत्र छपा ही नहीं है ,कमीशन के चक्कर में पहुंच कहां से जाएगा, जागरूक मतदाता प्रपत्र लोड करके फोटोकॉपी कराकर भर रहा है संग्रहकर्ता BLO के पास प्रपत्र अभी पहुंचा ही नहीं,फोटो कॉपी कर रहे हैं लोग भर कर पहुंचाएंगे और जिला प्रशासन बिल बनाकर भेज देगा,इतने लोगों को हमने मतदाता बनाया और उसको भुगतान भी हो जाएगा, इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश में भाजपा मतदाता जागरूकता अभियान चला रही है और अपने कार्यकर्ताओं को समझा रही है कि सपा वाले कही आप लोगों के नाम न कटवा दें सतर्क रहिए और सपा वाले अपने कार्यकर्ताओं से कह रहे हैं कि सतर्क हो जाइए बीजेपी वाले हमारे लोगों का नाम कटवा देंगे दोनो एक दूसरे पर खेल खेल रहे है जो काम निर्वाचन आयोग को निष्पक्षता से करवाना चाहिए वह पार्टीयों के ऊपर छोड़ दिया गया है और पार्टी वाले अफवाह फैला रहे हैं और अगर पार्टियों को ही करना है तो सरकारी पैसे क्यों बर्बाद होते हैं जिसे देकर अनेको सवाल खड़ा होता दिख रहा है।






