महराजगंज से श्रीनरायन गुप्ता
महराजगंज, 13 नवम्बर को महिलाओं की सुरक्षा,सम्मान और अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा “हक की बात जिलाधिकारी के साथ” कार्यक्रम का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और अन्य सामाजिक समस्याओं से जूझ रही महिलाओं को अपनी समस्या सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखने के लिए मंच उपलब्ध कराना था।कार्यक्रम के दौरान जनपद के अन्य क्षेत्रों से आई महिलाओं ने घरेलू हिंसा, आर्थिक प्रताड़ना, पारिवारिक विवाद, संपत्ति से वंचित किए जाने जैसी अनेक समस्याओं को विस्तार से जिलाधिकारी श्री सन्तोष कुमार शर्मा के समक्ष रखा। जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों — महिला कल्याण, पुलिस, समाज कल्याण व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। जिलाधिकारी महोदय ने आवश्यकतानुसार महिलाओं को निशुल्क विधिक परामर्श उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोई भी महिला यदि हिंसा या उत्पीड़न का शिकार होती है, तो उसे हर संभव कानूनी व आर्थिक सहायता त्वरित रूप से प्रदान की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पीड़िताओं के मामलों का निस्तारण समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से किया जाए, साथ ही उनकी गोपनीयता और गरिमा का भी पूर्ण ध्यान रखा जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि “हक की बात जिलाधिकारी के साथ” कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ शिकायत सुनना नहीं, बल्कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि कोई भी महिला अपने अधिकारों के लिए संघर्ष में अकेली न रहे — जिला प्रशासन उसके साथ खड़ा रहेगा। इससे पूर्व जिलाधिकारी महोदय ने कार्यक्रम में आई विभिन्न विद्यालयोंबकी छात्राओं से संवाद किया। छात्राओं ने जिलाधिकारी महोदय से विशेष रूप से सिविल परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में सुझाव मांगें। जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि अपना लक्ष्य अपनी रुचि के अनुसार निर्धारित करें। प्रत्येक क्षेत्र बेहतर होता है। लेकिन एक बार अपना लक्ष्य निर्धारित करने के बाद पूरी प्रतिबद्धता और लगन के साथ परिश्रम करें, सफलता अवश्य मिलेगी। जिलाधिकारी ने छात्राओं से कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी के संदर्भ में जरूरी टिप्स देते हुए कहा कि परिश्रम, निरंतरता और लगन तीन बातें सिविल सेवा में सफल होने के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अब गांवों में भी डिजिटल लाइब्रेरी शुरू कर रही है, जहां विद्यार्थियों को ऑनलाइन के साथ–साथ ऑफलाइन भी प्रतियोगी परीक्षाओं की स्तरीय पुस्तकें उपलब्ध होंगी।इसलिए अब जरूरी नहीं कि आप प्रयागराज,दिल्ली जाकर ही तैयारी करें। आप अपने गांव से भी तैयारी कर सकती हैं।कार्यक्रम में उपस्थित वन स्टॉप सेंटर की टीम द्वारा महिलाओं को घरेलू हिंसा अधिनियम, महिला हेल्पलाइन 181, ‘मिशन शक्ति’ अभियान, आश्रय गृहों एवं पुनर्वास योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी कन्हैया यादव, सीओ सदर जे.पी. त्रिपाठी सहित घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाएं और विभिन्न विद्यालयों की छात्राएं भी उपस्थित रहीं।




