लखनऊ
राजधानी लखनऊ के संवेदनशील क्षेत्र गौतमपल्ली में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। पर्यटन मंत्री के आवास से कुछ ही दूरी पर मथुरा के बरसाना निवासी मां-बेटे ने सल्फास खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। दोनों बीडी तिराहे के पास सड़क पर बेहोशी की हालत में मिले। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची गौतमपल्ली पुलिस ने उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला
56 वर्षीय मुनेश सिंह और उनका 38 वर्षीय बेटा बलजीत सिंह मथुरा स्थित राधा रानी टाउनशिप में रहते हैं। उनका आरोप है कि उन्होंने पुष्पेंद्र त्यागी, हरिनारायण राय और अभय शर्मा नाम के व्यक्तियों से 15 लाख रुपये में एक प्लॉट और 28 लाख रुपये में एक मकान खरीदा था। लेकिन पैसे देने के दो साल बाद भी उन्हें न तो प्लॉट दिया गया और न ही मकान।
मां-बेटे का कहना है कि इस धोखाधड़ी की शिकायत उन्होंने मथुरा के संबंधित थाने में कई बार की, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। लगातार अनसुनी होने से परेशान होकर वे अपनी समस्या सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए लखनऊ पहुंचे थे।
घटना कैसे हुई
इंस्पेक्टर रत्नेश सिंह के मुताबिक, दोनों ने बीडी तिराहे के पास सल्फास खाकर सड़क किनारे लेटने का प्रयास किया। मौके से सल्फास का एक खाली पाउच भी बरामद हुआ, जिसकी प्रोडक्शन डेट इसी साल जून की थी। पुलिस की क्विक रेस्पॉन्स टीम ने तत्काल उन्हें सिविल अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में इलाज जारी
डॉक्टरों के मुताबिक, समय रहते अस्पताल पहुंच जाने पर उनकी जान बच गई और फिलहाल दोनों खतरे से बाहर हैं।





