बस्ती
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) में बड़े पैमाने पर सेंधमारी का मामला सामने आया है। भ्रष्टाचारियों ने योजना की करीब 96 लाख रुपये की राशि 1000 से अधिक फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। मामले के उजागर होते ही संबंधित विभाग में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत गरीब और गर्भवती महिलाओं को वित्तीय सहायता दी जाती है। योजना में पहले जीवित बच्चे के लिए 5,000 रुपये और दूसरे बच्चे के लिए 6,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके अलावा संस्थागत प्रसव पर जननी सुरक्षा योजना के तहत अतिरिक्त लाभ भी मिलता है। इसी योजना का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचारियों ने लाखों रुपये का गबन कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह घोटाला सुनियोजित तरीके से किया गया, जिसमें 1000 से अधिक फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल हुआ। ICDS विभाग की आंतरिक ऑडिट के दौरान लाभार्थियों की सूची और उनके बैंक खातों के सत्यापन में गंभीर विसंगतियां पाई गईं। इससे किसी संगठित गिरोह की भूमिका की आशंका भी जताई जा रही है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) राजेश त्रिपाठी ने बताया कि अनियमितता योजना की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली में की गई है। शुरुआती जांच में करीब 96 लाख रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। सबसे अधिक गड़बड़ियां सदर ब्लॉक में पाई गई हैं, जहां फर्जी बैंक खातों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल के निर्देश पर मामले की जांच के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।





