लखनऊ
विधान परिषद में आरक्षण में गड़बड़ी के मुद्दे को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जवाब के दौरान विपक्षी सदस्यों ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
हंगामे की मुख्य वजह लेखपाल भर्ती में आरक्षण को लेकर उठे सवाल रहे। विपक्षी एमएलसी ने सरकार पर आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि पिछड़ों के हक से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस दौरान सदन में तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार पिछड़ों के अधिकारों की पूरी तरह रक्षा करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरक्षण में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी और यदि कहीं अनियमितता पाई गई तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केशव मौर्य ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “पिछड़ों के हक से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। अगर सच सुनने की हिम्मत है तो सुनिए।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और किसी भी तरह के आरक्षण विरोधी कदम का सवाल ही नहीं उठता। दोनों पक्षों के तीखे तेवरों के बीच सदन का माहौल काफी गर्म रहा और हंगामे के कारण कार्यवाही कुछ समय के लिए प्रभावित हुई।






