लखनऊ
तहज़ीब, नफ़ासत और अफलातून हरकतों की राजधानी लखनऊ एक बार फिर साबित कर चुकी है कि यहां 21वीं सदी सिर्फ कैलेंडर में चल रही है, ज़मीन पर अब भी नवाबी दौर पूरे ठाठ से दौड़ रहा है। यहां लोग आज भी मुर्गा-कबूतर लड़ाने से लेकर पतंगों में मोहल्लाई वर्ल्ड कप करवाते हैं और घोड़ों को ऐसे सजाते हैं मानो बारात नहीं, मुगल-ए-आजम की शूटिंग हो।
नवाबी परंपरा का एक अनमोल रत्न — दुलदुल नस्ल का मोहर्रम स्पेशल घोड़ा — अचानक लखनऊ से चोरी हो गया। बताया जा रहा है कि यह वही घोड़ा है जो बचपन से गाय का दूध पीकर बड़ा हुआ, यानी शाकाहारी संस्कारों वाला, शरीफ और शरीयत-फ्रेंडली।
घटना तब सामने आई जब घोड़ा अपने अस्तबल में रोज़ की तरह “हिनहिनाकर हाज़िरी” देने नहीं पहुंचा। खोजबीन शुरू हुई तो पता चला कि घोड़े को चुराकर ले जाता हुआ एक इंसान — जिसे स्थानीय लोग “दो पैरों वाला जानवर” बता रहे हैं — CCTV कैमरे में कैद हो गया है।
मोहर्रम से पहले इस नवाबी घोड़े की चोरी से इलाके में ऐसा हड़कंप मचा जैसे बिरयानी में इलायची कम पड़ गई हो। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ घोड़ा नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और दूध का पाउडर न खाने की मिसाल था।
घोड़े के मालिक ने भावुक होते हुए कहा,
“यह घोड़ा साधारण नहीं है साहब, इसने कभी बिस्कुट तक नहीं खाया। सिर्फ गाय का दूध पिया है, इसलिए इसकी चाल में तहज़ीब है।”
मामले की गंभीरता को देखते हुए मालिक ने ऐलान किया है कि जो भी इस नवाबी घोड़े को सही-सलामत ढूंढकर लाएगा, उसे 50 हजार रुपये इनाम दिया जाएगा। उधर पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है और दावा कर रही है कि जल्द ही चोर पकड़ा जाएगा, क्योंकि घोड़ा तेज़ है लेकिन चोर उतना नहीं।
फिलहाल लखनऊ में चर्चा यही है कि
चोर घोड़ा चुरा ले गया,
पुलिस फुटेज चुरा रही है,
और जनता इस खबर का मज़ा ले रही है।
लखनऊ वाकई लखनऊ है साहब — यहां घोड़े भी VIP होते हैं और चोरी भी शाही अंदाज़ में होती है।





