लखनऊ
कवयित्री और गायिका नेहा सिंह राठौर ने अपने खिलाफ हो रही कार्रवाई और सामाजिक नजरिए को लेकर खुलकर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ लिखती और गाती हैं, सवाल उठाती हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें ‘गुंडा’ कहा जाता है।
नेहा सिंह ने कहा, “मैंने कभी संविधान नहीं तोड़ा। मैंने हमेशा सारे नियम माने हैं। मैंने जो कुछ भी बोला है, उसकी पूरी जिम्मेदारी मेरी है। लेकिन सवाल उठाते ही नोटिस भेज दिया जाता है।” उन्होंने आगे कहा कि नोटिस मिलने के बाद जब कोतवाली जाना पड़ता है तो समाज में तरह-तरह की बातें बनने लगती हैं। “हमारे समाज के लोग ही कहने लगते हैं कि जरूर इसने कुछ गलत किया होगा,” उन्होंने कहा।
नेहा सिंह ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री बहुत पावरफुल हैं। अगर वे चाहें तो बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हत्याएं रुकवा सकते हैं। यह मानवता का सवाल है।”
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाना अपराध नहीं होना चाहिए। “अगर लिखने, गाने और बोलने पर नोटिस मिलने लगें, तो यह अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल खड़े करता है,” नेहा सिंह ने कहा।
नेहा सिंह के बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग उनके समर्थन में सामने आए हैं, जबकि कुछ ने उनके बयानों पर आपत्ति भी जताई है।







