कन्नौज
जेल से दो बंदियों के भागने के मामले की प्राथमिक जांच में जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद को नियमों की अनदेखी और लापरवाही का दोषी पाया गया है। जांच के बाद उन्हें कन्नौज जेल से हटाकर जेल मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
बताया गया कि 5 जनवरी की सुबह बंदी अंकित और शिवा ने कंबल की रस्सी बनाकर जेल की दीवार फांद ली और फरार हो गए। इस घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और मामले की जांच शुरू की गई।
प्रकरण में जेलर विनय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद, बैरक प्रभारी शिवेंद्र यादव, हेड जेल वार्डर शिवचरन और वार्डर अतुल मिश्रा को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। जेल अधीक्षक की भूमिका की जांच डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता ने की, जिसमें सामने आया कि अधीक्षक को जेल की सुरक्षा खामियों की जानकारी थी। इसके बावजूद न तो उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में सुधार कराया और न ही उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी।
नियमों की अनदेखी
सूत्रों के अनुसार जेल में नए साल की पार्टी देर रात तक चली, जिसमें नियम-कानूनों को दरकिनार किया गया। अधीक्षक ने जेल का सिक्योरिटी ऑडिट भी नहीं कराया था। घटना के समय ड्यूटी पर तैनात जिम्मेदार अधिकारी नदारद थे और उनकी निगरानी के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं थी।
डीजी जेल पीसी मीना ने बताया कि जेल अधीक्षक को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच डीआईजी कानपुर परिक्षेत्र को सौंपी गई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।






