नई दिल्ली
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के पूर्व प्रेसिडेंट पुनीत गर्ग को बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। ईडी के अनुसार, अनिल अंबानी समूह की कंपनियों के जरिए करीब 40,000 करोड़ रुपये के लोन में घोटाला किया गया। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने गर्ग को नौ दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया है। उन्हें गुरुवार को हिरासत में लिया गया था। पुनीत के मृत से बैंक दिवालिया होने की कगार पर खड़ा है।
ईडी का कहना है कि पुनीत गर्ग वर्ष 2001 से 2025 तक आरकॉम में विभिन्न अहम पदों पर रहे और लोन की रकम के दुरुपयोग की पूरी जानकारी रखते थे। आरोप है कि बैंकों से लिए गए कर्ज को निर्धारित उद्देश्यों में लगाने के बजाय इसे कई विदेशी सहायक कंपनियों और संस्थाओं के जरिए डायवर्ट किया गया। इस प्रक्रिया में अवैध धन को छिपाने, लेयरिंग करने और ठिकाने लगाने में गर्ग की सक्रिय भूमिका बताई जा रही है।
गिरफ्तारी से दो दिन पहले ईडी ने गर्ग की पत्नी के नाम पर मौजूद शेयरों और म्यूचुअल फंड्स को जब्त किया था, जिन्हें कथित तौर पर घोटाले की रकम से खरीदा गया था। इस कार्रवाई के बाद से ही गिरफ्तारी की अटकलें तेज थीं।
पुनीत गर्ग की गिरफ्तारी से अनिल अंबानी समूह की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। आरकॉम पहले से ही कर्ज संकट और दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है। फिलहाल, इस मामले पर रिलायंस ग्रुप की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।






