लखनऊ
यूपी विधानसभा सत्र के तीसरे दिन राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। लगभग 9.13 लाख करोड़ रुपये के इस बजट को “विकसित उत्तर प्रदेश 2047” के लक्ष्य की दिशा में अहम कदम बताया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि यह बजट प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में गति देगा।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार ने बड़े निवेश का फैसला किया है। बजट 2026-27 में उच्च शिक्षा के लिए 6,591 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना हेतु 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के लिए 40 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव मिल सकेगा।
इसके अलावा विभिन्न मंडलों में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाएगी। मां विन्ध्यवासिनी विश्वविद्यालय (मिर्जापुर), गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (मुरादाबाद) और मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय (बलरामपुर) के लिए 50-50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छात्र मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण नीति के तहत नई योजना के लिए 14.50 करोड़ रुपये भी प्रस्तावित किए गए हैं।






