लखनऊ
उत्तर प्रदेश में मुद्रा लोन के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के बड़े घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की है। मामले में लखनऊ समेत कई ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज और सबूत जुटाए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला बैंक ऑफ इंडिया की बाराबंकी स्थित शाखा से जुड़ा है, जहां मुद्रा लोन के नाम पर करीब 2.78 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
CBI की एंटी करप्शन ब्रांच, लखनऊ ने FIR दर्ज करने के बाद लखनऊ में चार और मैनपुरी में एक ठिकाने पर छापा मारा। इस दौरान जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए है।बैंक अधिकारियों और बिचौलियों पर आरोप
FIR में बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक, फील्ड अधिकारी समेत कई लोगों को नामजद किया गया है। आरोप है कि बैंक कर्मचारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से मुद्रा लोन स्वीकृत किए गए।
सूत्रों के अनुसार, बिचौलिये लोगों के खाते खुलवाकर उनके नाम पर लोन पास कराते थे और फिर रकम को अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था।
41 खातों में हुआ फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया है कि वर्ष 2022-23 के दौरान करीब 41 लोगों के नाम पर लोन स्वीकृत किए गए, लेकिन लोन की राशि का दुरुपयोग कर उसे अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया गया, जिससे बैंक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR
बताया जा रहा है कि इस मामले में पहले स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई थी, जिसके बाद पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के निर्देश पर CBI ने FIR दर्ज की और जांच शुरू की।
मुद्रा योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के लोन पर सिक्योरिटी नहीं लगती, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया।





