लखनऊ
महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (DGME) के पद पर नियुक्ति को लेकर चिकित्सा शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। विभाग ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों के वरिष्ठतम नियमित प्रधानाचार्यों की वरिष्ठता सूची जारी कर दी है। सूची सामने आने के बाद अब वरिष्ठ चिकित्सकों के बीच DGME पद को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।
विभाग ने जारी सूची पर संबंधित अधिकारियों और चिकित्सकों से सात दिन के भीतर आपत्तियां मांगी हैं। निर्धारित अवधि में प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण और निस्तारण करने के बाद अंतिम वरिष्ठता सूची जारी की जाएगी। इसके बाद पात्र वरिष्ठ प्रधानाचार्य की पदोन्नति और DGME पद पर तैनाती की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि DGME पद पर वरिष्ठ डॉक्टर की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से मामला न्यायिक स्तर पर भी चर्चा में रहा है। इसी क्रम में विभाग की ओर से वरिष्ठता सूची जारी किए जाने को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नई व्यवस्था लागू होने पर राजकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहे वरिष्ठ नियमित प्रधानाचार्यों में से पात्र अधिकारी को पदोन्नति का लाभ मिल सकता है। इससे चिकित्सा शिक्षा विभाग में DGME पद की नियुक्ति को लेकर चल रही पुरानी व्यवस्था में बदलाव की संभावना है।
अब सबकी निगाहें आपत्तियों के निस्तारण और अंतिम वरिष्ठता सूची पर टिकी हैं। अंतिम सूची के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि DGME पद की जिम्मेदारी किस वरिष्ठ चिकित्सक को सौंपी जाती है।






