रांची
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े विवाद के बीच आयोग के तीन सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल संतोष गंगवार ने राज्य सरकार की सिफारिश पर तीनों सदस्यों के इस्तीफे को मंजूरी दे दी। इस्तीफा देने वालों में आयोग की सदस्य अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हंसदा और जमाल अहमद शामिल हैं। तीनों ने रविवार को अपने पद से त्यागपत्र दिया।
इससे पहले JPSC के अध्यक्ष एल. खियांग्ते भी 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में कम समय के भीतर आयोग के अध्यक्ष समेत चार सदस्यों के पद छोड़ने से परीक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
CID ने पूछताछ के लिए भेजा समन
JPSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही झारखंड CID ने तीनों पूर्व सदस्यों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उन्हें सोमवार को जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने की संभावना है। हालांकि, उनके इस्तीफे और CID की जांच के बीच सीधे तौर पर कोई संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
परीक्षा प्रक्रिया पर उठे हैं सवाल
JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं को लेकर कथित धांधली, OMR शीट में छेड़छाड़ और अयोग्य अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने जैसे आरोप सामने आए हैं। इन मामलों की जांच CID कर रही है। वहीं, छात्र संगठनों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग लगातार उठाई जा रही है।
आयोग के शीर्ष पदों से लगातार इस्तीफे और जांच एजेंसी की कार्रवाई ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर चल रहे विवाद को और गंभीर बना दिया है।







