तेहरान/नई दिल्ली
ईरान की नौसैनिक इकाई इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की दो गनबोट्स ने शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो भारतीय जहाजों पर कथित तौर पर फायरिंग की। इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए भारत में ईरानी राजदूत को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है।
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, IRGC नौसेना ने इन जहाजों को जलडमरूमध्य पार करने से रोकते हुए पश्चिम दिशा में लौटने के लिए मजबूर किया। इस दौरान चेतावनी स्वरूप गोलीबारी भी की गई। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ईरान ने अमेरिकी दबाव और प्रतिबंधों के जवाब में इस रणनीतिक मार्ग को नियंत्रित करने की चेतावनी दी है।
तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित जहाजों में एक भारतीय झंडे वाला विशाल क्रूड ऑयल टैंकर (VLCC) था, जिसमें लगभग 20 लाख बैरल इराकी कच्चा तेल लदा हुआ था। इन जहाजों की पहचान सनमार हेराल्ड और जग अर्नव के रूप में की गई है।
वहीं, टैंकर ट्रैकिंग से जुड़ी संस्था TankerTrackers.com ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए दावा किया कि रेडियो संचार (चैनल 16) की रिकॉर्डिंग में साफ संकेत मिलता है कि ईरानी बलों ने जहाजों को मार्ग बदलने के लिए मजबूर किया और फायरिंग की गई।
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील तेल मार्गों में से एक है। भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ईरान से जवाब मांगा है और अपने समुद्री हितों की सुरक्षा पर जोर दिया है।





