शामली
जमीन से जुड़े विवाद में प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान एक किसान के आत्मदाह की कोशिश करने का मामला सामने आया है। घटना में किसान गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। परिजनों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही और संवेदनहीनता के आरोप लगाए हैं।
परिजनों के अनुसार, विवादित चहारदीवारी को गिराने के लिए प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान किसान ने कथित तौर पर खुद को आग लगा ली। आरोप है कि मौके पर मौजूद अधिकारी उसे तत्काल बचाने के लिए आगे नहीं आए। एक दरोगा पर घटना का वीडियो बनाने का भी आरोप लगाया गया है।
परिवार का दावा है कि सदर तहसील के एक कानूनगो ने चहारदीवारी न गिराने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की थी। रकम नहीं देने पर कार्रवाई की गई। परिजनों का यह भी कहना है कि जमीन से संबंधित मामला पहले से अदालत में विचाराधीन है।
घटना के बाद प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि रिश्वत मांगने, वीडियो बनाने और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





