लखनऊ
योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को खत्म करने का फैसला लिया है। अब तक लगाए गए सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर पोस्टपेड मीटर की तरह काम करेंगे। यह निर्णय लगातार हो रहे विरोध और उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद लिया गया है।
सरकार द्वारा गठित चार सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट में सामने आया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह मासिक बिल मिलेगा, जिसे निर्धारित समयसीमा में जमा करना होगा। हर महीने की 1 से 30 तारीख तक का बिल अगले 10 दिनों में एसएमएस या व्हाट्सऐप के जरिए भेजा जाएगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि महीने के अंदर किसी भी हालत में बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। वहीं, पुराने बकाया बिल को 10 किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जाएगी। साथ ही नए स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का काम फिलहाल रोक दिया गया है।
प्रदेश में करीब साढ़े तीन करोड़ बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से 77 लाख से ज्यादा घरों में पहले ही स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके थे।





