हरदोई
समाजवादी पार्टी (सपा) ने हरदोई जिले में सामने आए कथित स्टिंग वीडियो विवाद के बाद बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए जिले की पूरी जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, हरदोई के जिलाध्यक्ष समेत मुख्य जिला कार्यकारिणी तथा सभी फ्रंटल संगठनों और प्रकोष्ठों की जिला इकाइयों को भी निरस्त कर दिया गया है।
यह कार्रवाई सपा के हरदोई जिलाध्यक्ष शराफ़त अली के एक कथित स्टिंग वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई है। वायरल वीडियो में आरोप है कि शराफ़त अली कुछ लोगों के साथ बातचीत के दौरान पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद ऊषा वर्मा, पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी तथा उनके परिवार के संबंध में आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियां करते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने गुप्त रूप से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। अपमानजनक टिप्पणियों से आहत पूर्व सांसद ऊषा वर्मा और पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी ने मामले को गंभीर बताते हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav से लिखित शिकायत की थी। दोनों नेताओं ने प्रकरण में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की थी।
इसके बाद प्रदेश नेतृत्व द्वारा उठाए गए इस कड़े कदम को सीधे तौर पर इसी विवाद और पार्टी के भीतर उभरे असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से जारी पत्र में जिला कार्यकारिणी भंग करने के पीछे किसी स्पष्ट कारण का उल्लेख नहीं किया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।






