गोरखपुर
मानक के अनुरूप वेतन न मिलने और अन्य मांगों को लेकर सोमवार को गोरखपुर सिटी बस सेवा पूरी तरह ठप हो गई। नाराज कंडक्टरों ने महेसरा स्थित चार्जिंग प्वाइंट पर बसें खड़ी कर हड़ताल शुरू कर दी और धरने पर बैठ गए। अचानक बस संचालन बंद होने से हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
रोजाना की तरह सुबह पांच बजे से सिटी बसों का संचालन शुरू होना था, लेकिन हड़ताल के कारण एक भी बस सड़क पर नहीं उतर सकी। इसका सबसे अधिक असर स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों और दैनिक यात्रियों पर पड़ा। बस सेवा बंद होने से लोगों को ऑटो, ई-रिक्शा और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा, जिससे कई मार्गों पर अतिरिक्त दबाव भी देखने को मिला।
धरना दे रहे कंडक्टरों का आरोप है कि पूर्व संचालक कंपनी का अनुबंध समाप्त होने के बाद नई कंपनी को संचालन और वेतन भुगतान की जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन कर्मचारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप वेतन नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
कंडक्टरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में कम वेतन पर परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि जब तक निर्धारित मानक के अनुसार वेतन भुगतान, समय से वेतन देने की व्यवस्था और अन्य लंबित मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
हड़ताल के चलते शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित रही। देर शाम तक प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों को मनाने के प्रयास जारी रहे, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई सहमति नहीं बन सकी थी।






