Home / राज्य / सिसवनिया कोटा चयन में रिश्वत पर,जिला प्रशासन की जांच सवालो में दो सचिवों की भूमिका की कब होगी जांच

सिसवनिया कोटा चयन में रिश्वत पर,जिला प्रशासन की जांच सवालो में दो सचिवों की भूमिका की कब होगी जांच

डीएम का आदेश भी ताख पर,नही मानते उन्ही के जिले के जिम्मेदा

शार्पदृष्टि से श्रीनरायन गुप्ता 

सिसवनिया कोटा चयन प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बाद अब प्रशासन निष्क्रिय हो गया है।एडीओ (ISV) से जुड़ी शिकायतों और दो सचिवों की संदिग्ध भूमिका की जानकारी मिलते ही उच्च अधिकारियों ने मामले की जांच तो शुरू किया लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नही किया गया।जिससे यह प्रतीत होता है कि अभी तक कोई कार्रवाई न होना यह संकेत दे रहा है कि जिला प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है।जबकि नौतनवा समाधान दिवस में पीडी से साफ कहा था कि एसे कर्मचारी को क्यो अभी तक निलंबित नही किया गया।जिसे पीडी द्वारा गोल गोल घुमा दिया।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच टीम को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।इससे लोगो पर विश्वास तो जगा लेकिन प्रशासन के लोग कायम नही रख पाए।जबकि कोटा चयन में बर्तमान सचिव व पूर्व सचिव दोनो एक दूसरे पर खेल रहे है।

इसमे पूरे ब्लाक के जिम्मेदारो ने एक दूसरे को बचाने का भी पूरा प्रयास कर रहे है।जबकि एक सप्ताह के अन्दर दो फर्जी प्रस्ताव बनाया गया।दोनो पर सचिव विवेक पटेल व बृजेश यादव ने हस्ताक्षर किया।

मामला फसने पर दोनो कह रहे है कि मेरा हस्ताक्षर नही है।इससे तो मामला और गंभीर हो जाता है।ऐसे मे एडीओ आईएसबी बृजानंद यादव पर और गंभीर मामला उठता है।यह आईएसबी गोरखपुर में भी लाखो के घोटाले में जेल काट चुके है।

इसके बाद भी कोई कार्रवाई नही हुआ।यह सावित करता है कि योगी सरकार लाख जीरो भ्रष्टाचार की बात करे लेकिन उनके जिम्मेदार अधिकारी उनके दावों की हवा निकालने में कोई कोर कसर नही छोड़ लहे है।

Tagged:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisements

राशिफल