बृजमनगंज से आर्यन जायसवाल
जब कृषि कार्य के लिए किसानों को खाद की आवश्यकता पड़ती है, तब- तब सरकारी गोदामों में खाद की किल्लत उतपन्न हो जाती है। उसी की आड़ में निजी उर्वरक विक्रेता मनमाने दामों पर यूरिया बेचते है। हालात यह है कि नगर पंचायत क्षेत्र व विकास खंड क्षेत्र के श्रीरामपुर चौराहा, हाडियाकोट, लेहड़ा बाजार, लेहरा स्टेशन, सोनाबन्दी, बहदुरी बाजार, लेदवा चौराहा, बंगला चौराहा, धानी बाजार समेत क्षेत्र के अन्य उर्वरक विक्रेता मनमाने दामों पर डीएपी व यूरिया के साथ जिंक सल्फर दे रहे। कुछ किसान ने बताया कि दुकानदारों द्वारा शर्त के साथ उर्बरक बेची जा रही। यूरिया की एक पैकेट का 260 रुपये मूल्य निर्धारित है। बावजूद इसके जिंक लेने के बाद ही यूरिया 550 से 650 रुपये में दी जा रही है। तो वही डीएपी का मूल्य 1350 निर्धारित है। इसके बावजूद दुकानदारों द्वारा बिना किसी डर भय के 1600 से लेकर 1900 रुपये तक ली जा रही है। चक्रवाती तूफान में हुई वर्षा के बाद किसानों के खेत गेहूं की बुवाई के लिए तैयार हो गए हैं। इसको लेकर किसान बड़ी तेजी से गेहूं की बुवाई करना शुरू कर दिए हैं। ऐसे में समितियों पर भरपूर मात्रा में खाद न मिलने से किसान महंगे दामों पर यूरिया, डीएपी खाद लेने को मजबूर हो रहे हैं। बृजमनगंज बाजार की कई दुकानों पर खुलेआम महंगे दामों पर बिक रही है। तो वही जिमेदारो के ढीले रवैये से उर्बरक विक्रेताओं की चांदी ही चांदी है।






