बांदा
जिले के पैलानी तहसील क्षेत्र के गौरी कला गांव में 4 दिसंबर की रात उस समय हड़कंप मच गया जब वरमाला के दौरान दुल्हन ने दूल्हे को शराब के नशे में देखकर शादी करने से साफ इंकार कर दिया। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के छिंदा गांव की रहने वाली 25 वर्षीय संजू उर्फ संजोकता वर्मा, जो अपनी मौसी के घर गौरी कला में रहती है, की शादी फतेहपुर जिले के आजमपुर गढ़वा निवासी मोतीलाल के बेटे श्यामू से तय हुई थी। चार दिसंबर को गाजे-बाजे के साथ बारात गौरी कला पहुंची और स्वागत-सत्कार के बाद वरमाला की तैयारी शुरू हुई। जैसे ही दूल्हा-दुल्हन स्टेज पर पहुंचे, दुल्हन ने देखा कि श्यामू नशे में धुत है और उसके व्यवहार में असामान्यता है। यह देखकर दुल्हन ने तुरंत वरमाला डालने से मना कर दिया। दुल्हन के निर्णय से दोनों पक्षों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। काफी समझाने के बावजूद संजू अपने फैसले पर अडिग रही।
मामला थाने पहुंचा, जहां थाना प्रभारी अनिल कुमार ने दोनों पक्षों को अगले दिन बुलाया। 5 दिसंबर को हुई पंचायत में भी दुल्हन ने साफ कहा कि वह शराबी युवक के साथ जिंदगी नहीं बिता सकती। ऐसे पति के कारण महिलाओं का जीवन नरक बन जाता है। पंचायत के दौरान दहेज में दिया गया सारा सामान दूल्हा पक्ष को लौटा दिया गया।
दुल्हन के मौसा जीतू ने बताया कि संजू के पिता की इच्छा थी कि बेटी की शादी उनके ही गांव से हो, लेकिन दूल्हे के नशे ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं। दुल्हन ने यह भी आरोप लगाया कि केवल दूल्हा ही नहीं, बल्कि उसके पिता मोतीलाल भी शराब के नशे में थे। इस घटना ने शराबी दूल्हों और बढ़ती नशाखोरी पर समाज में फिर सवाल खड़ा कर दिया है।
दुल्हन संजू के साहसिक निर्णय की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से शादी तोड़ दी और जो भी सामान लिया-दिया था, वह आपस में वापस कर लिया गया।




