लखनऊ
लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के चालक-परिचालकों का तीन महीने से वेतन न मिलने पर शुक्रवार को गुस्सा फूट पड़ा। नाराज कर्मचारियों ने सुबह से ही राजधानी में सिटी बसों का संचालन पूरी तरह ठप कर दिया।
दुबग्गा डिपो से संचालित होने वाली एक भी बस डिपो से बाहर नहीं निकल सकी। सुबह बारिश के बीच चालक और परिचालक डिपो तो पहुंचे, लेकिन बसों की स्टीयरिंग संभालने के बजाय धरने पर बैठ गए और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले तीन महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने और आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। लगातार अनदेखी से नाराज कर्मचारियों ने आखिरकार हड़ताल का रास्ता चुना।
बस सेवा ठप होने का सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ा। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी तथा रोजाना सफर करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह के व्यस्त समय में बसें न चलने से शहर के कई इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और लोगों को निजी वाहनों व अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ा।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने जल्द से जल्द बकाया वेतन जारी करने और अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की है। वहीं, राजधानी में सिटी बस सेवा बंद होने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी बड़ा असर पड़ा है।





