हमीरपुर
बेतवा नदी क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल का स्लैब शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे अचानक गिर गया। हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि मलबे में फंसे 3 मजदूरों को स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत और बचाव कार्य करीब साढ़े सात घंटे तक चला।
जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय कुछ मजदूर पुल के ऊपरी हिस्से में काम कर रहे थे, जबकि कई मजदूर नीचे आराम कर रहे थे। अचानक स्लैब भरभराकर गिर पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन का कहना है कि तेज आंधी और बारिश के कारण यह हादसा हुआ।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों में बांदा जिले के लोकेंद्र निषाद, कुलदीप निषाद, सावंत यादव और सभाजीत शामिल हैं। वहीं हमीरपुर के पुष्पेंद्र सिंह चौहान और राजेश पाल की भी मौत हो गई।
आंधी से बिगड़े हालात, रेस्क्यू में आई दिक्कत
तेज आंधी और बारिश के चलते जिलेभर में कई पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर गए। खराब मौसम के कारण शुरुआती दौर में राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ, हालांकि बाद में SDRF और प्रशासनिक टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर मलबे में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद मजदूरों को निर्माण स्थल पर रुकने देना क्या लापरवाही थी? क्या निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए थे? इन सभी बिंदुओं की जांच अब प्रशासनिक स्तर पर की जाएगी।
इस दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों में श्रमिक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।


