जालौन
संजय निषाद ने जालौन में क्रीमी लेयर व्यवस्था को समाप्त करने की मांग उठाते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था का सबसे अधिक नुकसान गरीब और वास्तविक पिछड़े वर्गों को हो रहा है। उनका आरोप है कि संपन्न और प्रभावशाली परिवार लगातार आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, जबकि जरूरतमंद और वंचित तबका पीछे छूटता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आरक्षण का मूल उद्देश्य समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाना था, लेकिन वर्तमान क्रीमी लेयर व्यवस्था के कारण इसका लाभ सीमित लोगों तक सिमट कर रह गया है। निषाद ने सरकार से आरक्षण नीति की व्यापक समीक्षा करने और आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े वर्गों को प्राथमिकता देने की मांग की।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सामाजिक न्याय तभी सार्थक होगा, जब आरक्षण का लाभ वास्तव में उन लोगों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।






