लखनऊ
वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है। राजधानी लखनऊ की एक महत्वपूर्ण विधानसभा सीट से वर्ष 2022 में भाजपा टिकट से वंचित रहीं पूर्व मंत्री ने पुनः सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी और संगठन के विभिन्न स्तरों पर संपर्क साधकर टिकट की दावेदारी मजबूत करने की कोशिशें की जा रही हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पूर्व मंत्री को संगठन के केंद्रीय पदाधिकारियों के समर्थन की उम्मीद है। इसी आधार पर वह आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट मिलने की संभावना जता रही हैं। सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2022 में टिकट नहीं मिलने के बाद भी उन्होंने राजनीतिक गतिविधियां जारी रखीं और अब चुनाव नजदीक आते ही समर्थकों के माध्यम से माहौल बनाने का प्रयास शुरू कर दिया है।
वहीं, राजनीतिक चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि वर्तमान विधायक और मंत्री की कार्यशैली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पूर्व मंत्री खेमे को टिकट परिवर्तन की संभावना नजर आ रही है। हालांकि भाजपा की ओर से अभी तक किसी भी सीट या संभावित उम्मीदवार को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव में अभी काफी समय है और टिकट का अंतिम निर्णय संगठन व पार्टी नेतृत्व की रणनीति के आधार पर ही होगा। फिलहाल राजधानी की इस सीट को लेकर दावेदारों की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है







