देवरिया
उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाले भाटपाररानी क्षेत्र की खंनुवा नदी पर निर्माणाधीन चखनी घाट पुल में अचानक लंबी दरार आने और एक हिस्से के मलबे के रूप में गिर जाने से हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय पुल पर कार्यरत मजदूर बाल-बाल बच गए और कोई जनहानि नहीं हुई।
करीब ₹16 करोड़ की लागत से बन रहे इस पुल में निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही दरार पड़ने से निर्माण की गुणवत्ता और कार्यदायी संस्था सेतु निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इसे आप भ्रष्टाचार, लापरवाही या अराजकता कुछ भी कहें लेकिन पुल निर्माण में मानकविहीन और घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोरखपुर और लखनऊ से तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रभावित हिस्से को गिराकर दोबारा निर्माण करने पर भी विचार किया जा रहा है।
वहीं, सेतु निगम के अधिकारी इस मामले पर खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। दूसरी ओर, जिला मजिस्ट्रेट ने घटना का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।



